“करवा चौथ आज: चांद निकलने का समय, सोलह श्रृंगार और पूजा महत्व” करवा चौथ 2025 का पर्व शुक्रवार, 10 अक्टूबर को देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह व्रत विवाहित महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु, सुखी दाम्पत्य जीवन और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। इस बार करवा चौथ में शिववास और सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग बनने से इसका महत्व और बढ़ गया है।
शुभ तिथि और चंद्रोदय का समय
- करवा चौथ पूजन का शुभ मुहूर्त: शाम 05:57 बजे से 07:11 बजे तक
- व्रत का समय: सुबह 6:19 बजे से रात 8:13 बजे तक (कुल अवधि: लगभग 14 घंटे)
- चंद्रोदय (चांद निकलने का समय): रात 8:13 बजे (शहर के अनुसार समय में बदलाव संभव)
पूजा विधि एवं परंपराएं
- सुबह सरगी खाने के बाद महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और पूरे दिन जल और अन्न का त्याग करती हैं।
- शाम को सोलह श्रृंगार के साथ करवा माता, शिव-पार्वती और गणेश जी की पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं।
- चांद देखने के बाद छलनी से पति का चेहरा देखती हैं और फिर पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं।
- इस दिन विवाद, क्रोध व गुस्से से बचें और बुजुर्गों का सम्मान करें। लाल, गुलाबी या पीले वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है.
त्योहार का महत्व
करवा चौथ पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और त्याग का पर्व है। ऐसी मान्यता है कि करवा चौथ के व्रत से वैवाहिक जीवन में खुशहाली और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसकी कथा, पूजा और अनुष्ठान भारतीय संस्कृति में स्त्री शक्ति और समर्पण का अनूठा उदाहरण हैं.


